महोबा में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही: एक्सपायरी दवाएं सड़क किनारे गड्ढों में फेंकी गईं, जांच में जुटी टीम

महोबा से चन्द्रशेखर नामदेव की रिपोर्ट महोबा में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है। चरखारी-सूपा रोड के पास सड़क किनारे पानी से भरे गड्ढों में बड़ी मात्रा में एक्सपायरी दवाएं पड़ी मिलीं, जिसमें सीरप, टैबलेट और आई ड्रॉप शामिल थे।

सूचना मिलने के बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र (सीएचसी) चरखारी के अधीक्षक डॉ. विनय पटेल और उनकी टीम मौके पर पहुंची। उन्होंने पाया कि दवाएं सड़क किनारे गड्ढों में फेंकी गई थीं। यह लापरवाही न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि इससे पर्यावरण और जानवरों के लिए भी खतरा उत्पन्न हुआ।स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि रात के अंधेरे में यह दवाएं फेंकी गईं, जिससे गड्ढों का पानी प्रदूषित हो गया है।
स्वास्थ्य विभाग का पक्ष
प्रभारी सीएमओ डॉ. रमाकांत चौरिहा ने बताया कि एक्सपायरी दवाओं को सही तरीके से डिस्पोज करने के लिए बाँदा जिले से विशेष वाहन आता है। उन्होंने कहा कि सड़क किनारे मिली दवाओं की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।डॉ. विनय पटेल ने भी स्पष्ट किया कि सीएचसी चरखारी की दवाइयों का रिकार्ड मौजूद है और गड्ढों में पड़ी आई ड्रॉप हमारी सूची में शामिल नहीं हैं। अन्य दवाओं की भी जांच की जा रही है कि इन्हें किसने फेंका।
पर्यावरण और सुरक्षा का खतरा
इस लापरवाही से केवल दवाओं का नुकसान नहीं हुआ, बल्कि गड्ढों का पानी दूषित होकर जानवरों के लिए खतरनाक हो गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे पशुओं और आसपास के ग्रामीणों के लिए गंभीर स्वास्थ्य जोखिम उत्पन्न हो सकता है।
कार्रवाई और आगे की प्रक्रिया
सीएमओ महोबा ने आश्वासन दिया कि मामले की पूरी जांच कराई जाएगी। दोषियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई और आवश्यक कानूनी कदम उठाए जाएंगे। इसके साथ ही, भविष्य में ऐसी लापरवाही रोकने के लिए निगरानी बढ़ाने की बात कही गई है।
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