Samrat Choudhary vs Lalu Yadav : CM सम्राट चौधरी का लालू-तेजस्वी पर बड़ा हमला, बोले– ‘माफी मांगी थी लालू यादव ने’
Samrat Choudhary vs Lalu Yadav : बिहार की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। राज्य विधानसभा में फ्लोर टेस्ट के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव के बीच तीखी बहस देखने को मिली। सदन में उस समय माहौल पूरी तरह राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से भर गया, जब सीएम सम्राट चौधरी ने लालू प्रसाद यादव और आरजेडी नेतृत्व पर गंभीर टिप्पणी कर दी।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सदन में कहा कि लालू प्रसाद यादव ने कभी मिलर स्कूल के मैदान में उनसे माफी मांगी थी और स्वीकार किया था कि उनसे गलती हुई है। उनके इस बयान ने राजनीतिक हलकों में नई बहस को जन्म दे दिया है। चौधरी ने आगे कहा कि लालू यादव को भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ही बनाया था, यह जानकारी सभी को होनी चाहिए।
सीएम ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि उनकी राजनीतिक यात्रा में अगर लालू यादव के कथित “अत्याचार” नहीं होते, तो शायद आज वे बिहार के मुख्यमंत्री नहीं बन पाते। उनके इस बयान को विपक्षी खेमे ने राजनीतिक हमला करार दिया है।
विधानसभा में फ्लोर टेस्ट के लिए विशेष बैठक बुलाई गई थी। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को बधाई दी, लेकिन इसके तुरंत बाद उन्होंने नीतीश कुमार और बीजेपी सरकार पर निशाना साधा। इसके जवाब में सीएम चौधरी ने तीखा पलटवार किया और राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी नेता की राजनीति किसी “पाठशाला” से नहीं चलती, यह लोकतंत्र है जहां जनता ही असली शिक्षक होती है। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें कई जिम्मेदारियां दी हैं—कभी नेता प्रतिपक्ष बनाया, प्रदेश अध्यक्ष बनाया, उप मुख्यमंत्री बनाया और अब मुख्यमंत्री बनाया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पूरी पार्टी एकजुट है और किसी भी तरह की गलतफहमी नहीं होनी चाहिए।
सीएम सम्राट चौधरी ने अपने राजनीतिक संघर्ष को याद करते हुए कहा कि वर्ष 1995 में वे नाबालिग थे, लेकिन उन्हें जेल में रखा गया था। उन्होंने बताया कि उन्होंने लोअर कोर्ट से लेकर हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक कानूनी लड़ाई लड़ी और हर स्तर पर जीत हासिल की। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में तेजस्वी यादव से कहा कि वे “डिग्री” के मामले में पीछे रह गए हैं।
वहीं, सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 20 वर्षों से बिहार में एनडीए की सरकार सुशासन स्थापित करने में लगी हुई है। उन्होंने कहा कि राज्य में सरकारी नौकरियों में बढ़ोतरी हुई है, महिलाओं के लिए कई योजनाएं चलाई गई हैं और साइकिल योजना के जरिए छात्राओं को शिक्षा से जोड़ा गया है।सीएम ने कहा कि नीतीश कुमार का लक्ष्य बिहार को समृद्ध बनाना है और इसमें कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि जिस तरह नीतीश कुमार ने ट्रिपल सी पर समझौता नहीं किया, उसी तरह आगे भी किसी भी मुद्दे पर कोई समझौता नहीं होगा।
उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोगों को कुर्सी अपनी बपौती लगती है, लेकिन यह कुर्सी 14 करोड़ बिहार की जनता के आशीर्वाद से मिलती है।कुल मिलाकर, बिहार विधानसभा का यह सत्र पूरी तरह राजनीतिक बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप का मंच बन गया, जहां सत्ता और विपक्ष दोनों ने एक-दूसरे पर जमकर निशाना साधा। आने वाले दिनों में यह सियासी टकराव और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
Headlines से और खबरें

रायबरेली: “ऐ मौलाना बाहर जाओ”, BJP मंत्री राकेश सचान की बात इतनी सी थी, लेकिन दिल को लगी बहुत!
3 मई 2026
झांसी: मौत के गड्ढे में उतरकर बुझाई प्यास, झांसी में 48 घंटे बाद बहाल हुई जलापूर्ति
3 मई 2026
पश्चिम बंगाल में गरजे सीएम योगी: 4 मई के बाद TMC गुंडों पर कसा तंज, चुनावी माहौल गरमाया
27 अप्रैल 2026